राखी बांधने के पीछे कई कारण और मान्यताएं हैं, जो इसे एक खास त्योहार बनाती हैं। इसका मुख्य कारण भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को दर्शाना है।
भाई-बहन के बीच प्यार और रक्षा का वादा

  • सुरक्षा का बंधन: राखी का शाब्दिक अर्थ है “रक्षा का बंधन”। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनकी लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और सुरक्षा के लिए प्रार्थना करती हैं।
  • रक्षा का वचन: इसके बदले में भाई अपनी बहन की हर परिस्थिति में रक्षा करने का वचन देता है। यह सिर्फ एक धागा नहीं, बल्कि दोनों के बीच के गहरे प्रेम, सम्मान और विश्वास का प्रतीक है।
    ऐतिहासिक और पौराणिक कथाएं
  • द्रौपदी और कृष्ण: एक लोकप्रिय कथा के अनुसार, जब भगवान कृष्ण की उंगली कट गई थी, तो द्रौपदी ने अपनी साड़ी का एक टुकड़ा फाड़कर उनकी उंगली पर बांध दिया था। इस प्रेम और सम्मान से प्रभावित होकर, कृष्ण ने हमेशा उनकी रक्षा करने का वचन दिया था, जिसे उन्होंने द्रौपदी के चीरहरण के समय पूरा भी किया।
  • रानी कर्णावती और हुमायूँ: इतिहास में, मेवाड़ की रानी कर्णावती ने मुगल बादशाह हुमायूँ को राखी भेजकर उनसे अपनी रक्षा का अनुरोध किया था। हुमायूँ ने राखी का सम्मान करते हुए उनकी मदद के लिए अपनी सेना भेजी थी।
    यह त्योहार सिर्फ सगे भाई-बहनों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह उन सभी रिश्तों को दर्शाता है जहाँ एक व्यक्ति दूसरे की रक्षा और देखभाल करने का वादा करता है।